ब्लूटूथ का बन गया आवासीय प्रमाण पत्र , आवेदनकर्ता पर होगी कारवाई

बिहार में रोज कुछ नए-नए अजीबो गरीब घटनाएं सामने आती रहती है। कुछ दिन पहले ट्रैक्टर का आवासीय प्रमाण पत्र बना था और अब खबर आ रही है की ब्लूटूथ डिवाइस का आवासीय प्रमाण पत्र बना है। अब आप सोचिए किसी व्यक्ति को आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने में ऑफ लाइन में कितनी परेशानी होती हैऔर कहा जाता है कि समय लग रहा है क्योंकि जांच के बाद ही इसे जारी किया जाता ह। अब आप ही सोचिए किस प्रकार का जांच करके प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।
आवेदनकर्ता ने जान बुझ कर किया आवेदन
खबर बिहार के पटना जिले के बाढ़ अंचल कार्यालय की है जहाँ ब्लूटूथ डिवाइस का आवेदन किया। उनका कहना है कि सिर्फ कार्य प्रणाली को जांचने के लिए उन्होंने आवेदन किया था। कुछ दिन पहले से ही वह दफ्तर का चक्कर लगा रहा था प्रमाण पत्र बनवाने के लिए। लेकिन हर बार यह कहकर बात को टाल दिया जाता की जांच हो रही है जांच समाप्त होने पर प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाएगा। तो शख्स ने जांच प्रक्रिया को पता करने के लिए की कितने अच्छे से जांच होती है और क्या प्रक्रिया है जांच की। इसे पता करने के लिए ब्लूटूथ डिवाइस का आवासीय प्रमाण पत्र के लिएआवेदन कर दिया। लेकिन बिना जाँच प्रकिर्या के ही आवासीय बन कर आ गया।
कितनी लापरवाही बरती जा रही है काम में
इसी से आप अंदाजा लगा सकते हैं कि बिहार में किस प्रकार से सरकारी दफ्तर में काम हो रहा है। ऑनलाइन आवेदन किया गया और बिना जांच के प्रमाण पत्र जारी भी कर दिया।आवेदक में साफ-साफ नाम ,पिता का नाम, पता दिया गया है और साथ में ब्लूटूथ का फोटो भी दिया गया है फिर भी ब्लूटूथ का आवासीय बनाकर आवेदनकर्ता को मिल गया। नाम ब्लूटूथ ( नॉइज़ ) , पिता eastwood माता eastwood और फोटो में ब्लूटूथ का फोटो भी दिया गया है।
अधिकारी की सफाई सामने आई
अधिकारी ने सफाई देते हुए कहा गया की जिलाधिकारी महोदय के द्वारा आदेश आया की जितना भी आवासीय का आवेदन आये तो तत्परता से बनाया जाये। दिन रात एक करके काम किया जा रहा है क्योकि मतदाता वेरिफिकेशन का काम चल रहा है। इसी दौरान यह आवेदन आया था। मैं इसे रिजेक्ट कर दिया थाऔर पता नहीं कैसे प्रमाण पत्र बनाकर जारी कर जारी हो गया इस बात की जांच कराई जाएगी।
आवेदनकर्ता पर होगी कारवाई
आवेदनकर्ता पर अब काम में बाधा डालने के लिए कारवाई किया जायेगा ऐसा अधिकारी का कहना है। काम का दवाब ज्यादा है अभी। लोग मानसिक और शारीरिक थकान में काम कर रहे है। इस बीच जान बुझ कर किसी अधिकारी का समय बर्बाद करने और काम में बाधा डालने के जुर्म में अब कारवाई किया जायेगा।